इंदौर. नगर निगम द्वारा कान्ह-सरस्वती शुद्धिकरण के तहत सीवरेज लाइन डालने के दौरान आजाद नगर में १५ फीट गहराई पर सुरंग मिली। प्रत्यक्षदर्शी बुजुर्गों का कहना है, 60-70 साल में हमने इस क्षेत्र में ऐसा स्ट्रक्चर बनते नहीं देखा। यह निर्माण होलकर राजाओं या अंग्रेजों के शासनकाल में हुआ होगा।
रविवार को शाम 6 बजे चिडि़याघर से कुछ दूरी पर एक बगीचे के निकट खुदाई के दौरान ईंटों का बना यह स्ट्रक्चर दिखा। दरवाजेनुमा स्ट्रक्चर के बाहरी हिस्से पर कचरा-मिट्टी भर चुकी थी। भीड़ में एक बुजुर्ग ने कंपनी के इजीनियर मयूर को बताया, यह सुरंग अंगे्रजों के जमाने की हो सकती है। निगम अफसरों का कहना है, स्ट्रक्चर का पुरातत्व विभाग से परीक्षण करवाएंगे। सूत्रों के मुताबिक कान्ह-सरस्वती नदियों के किनारों तक जाने के लिए महलों से अंदरूनी रास्ते बनाए गए थे। इस इलाके में घना जंगल था इसलिए महलों से यहां तक और भी कई सुरंग से हो सकती हैं।
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